चौधवीं का चाँद

आसमान के काले पर्दे पर मैंने तेरे लिए चौधवीं का चाँद उभारा है,
उसकी रोशनी न मद्धम पड़े इसलिए सभी सितारों को ज़मीन पर उतारा है।

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