सपने March 12, 2018, 3:49 pm March 12, 2018 शेर-शायरी सिले पल्कों के धागों को उधेड़ के आँखों से कई सपने बाहर निकल गए, जो थक गए वो रास्ते में ही थम गए, और जो बढ़ते रहे वो हक़ीकत में बदल गए।